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महिला सशक्तिकरण के इर्द-गिर्द घूमती 'शी' हकीकत से कोसों दूर लगती है


भारत में जब से नेटफिलिक्स (Netflix) जैसे बिग ओटीटी प्लेयर ने कदम रखा है, तब से कई सारी ऐसी कहानियां दर्शकों को देखने के लिए मिल रही हैं, जो उन्हें चौंका देती हैं। बॉलीवुड इन कहानियों को कहने से हमेशा बचता आया है, ऐसे में ओटीटी प्लेटफॉर्म्स कई सारे अच्छे फिल्मकारों को उनकी कहानी कहने की आजादी दे रहे हैं।




 ऐसे में जब फिल्मकार इम्तियाज अली (Imtiaz Ali) शी (She) नाम की वेब सीरीज लेकर आएं, जो महिला सशक्तिकरण विचार को पेश करने का जिम्मा उठाती दिखे तो उम्मीदें बढ़ ही जाती हैं। लेकिन परेशानी तब होती है जब आपको समझ आता है कि अच्छी नियत से बनाई गई यह वेब सीरीज असलियत के कोसों दूर है। 



वेब सीरीज की कहानी
आरिफ अली और अविनाश दास के डायरेक्शन में बनी वेब सीरीज 'शी' की कहानी मुंबई पुलिस की कॉन्सटेबल भूमिका (अदिति पोहनकर) के बारे में है, जिसे एक दिन क्राइम ब्रांच का अधिकारी फर्नांडिस (विश्वास किनी) रोड पर देखता है। उसे लगता है कि भूमिका में कुछ अलग बात है और वो उसे एक सीक्रेट मिशन के लिए चुन लेता है। फर्नांडिस इस सीक्रेट मिशन के माध्यम से मुंबई के एक बड़े गैंग्सटर को पकड़ना चाहता है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि भूमिका इस मिशन के लिए सही च्वाइस है या नहीं और इस मिशन के दौरान भूमिका खुद से कैसे मिलती है ? 






वेब सीरीज की खास बातें
वेब सीरीज 'शी' की सबसे खास बात अदिति और विजय वर्मा की शानदार अदाकारी है। ये दोनों कलाकार अपने-अपने किरदारों में इतनी खूबसूरती से घुस गए हैं कि आप देखते ही रह जाएंगे। अमित रॉय का शानदार कैमरा वर्क भी 'शी' की कहानी में चार चांद लगाता है। वो मुंबई की सड़कों को नए अंदाज में पेश करते हैं, जो शी की कहानी की जान हैं।




वेब सीरीज की खामियां
आरिफ अली और अविनाश दास की वेब सीरीज 'शी' की सबसे बड़ी खामी यह है कि ये अपने ओरिजनल विचार के साथ विश्वासघात करती नजर आती है। महिला सशक्तिकरण विचार के साथ शुरू हुई यह वेब सीरीज बीच में कहीं खो जाती है और फिर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाती है। एक महिला पुलिस कॉन्सटेबल जिसे उसके पति ने ठंडा कहकर छोड़ दिया है, जिसके घर पर उसकी छोटी बहन उसकी इज्जत नहीं करती है और जिसे अपने आपकी खोज है, उसे क्राइम ब्रांच का बड़ा अधिकारी कैसे एक बड़े मिशन के लिए चुनता है ? यह समझ पाना थोड़ा मुश्किल है।



इसके ऊपर से महिला सशक्तिकरण के नाम पर 'शी' में सेक्स का तड़का भी लगाया गया है, जो झूठा दिखता है। इम्तियाज अली, आरिफ अली, अविनाश दास जैसे फिल्मकारों से 'शी' के रूप में एक दमदार वेब सीरीज की उम्मीद थी लेकिन यह प्रोजेक्ट किसी विश्वासघात से कम नहीं हैं।




आखिरी फैसला
इन दिनों देशभर में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन लगा हुआ है, ऐसे में अगर आपके पास भरपूर इंटरनेट है तो आप 'शी' को देख सकते हैं। शुरूआत के कुछ एपिसोड आपको पसंद भी आ सकते हैं लेकिन अंत में निराश होने के लिए तैयार रहिएगा। शी वेब सीरीज में अदिति और विजय की दमदार अदाकारी की है, जिनकी मेहनत के लिए हम 'शी' को 1.5 स्टार देते हैं।



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