abhishek bachchan big bull scam 1992 comparison: Abhishek Bachchan On The Big Bull And Scam 1992 Comparison

ऐक्टर अभिषेक बच्चन (Abhishek Bachchan) पिछले साल वेब सीरीज ‘ब्रीद’ (Breathe) और फिल्‍म ‘लूडो’ (Ludo) में नजर आए। दोनों ही प्रॉजेक्ट्स में उनके काम को काफी पसंद किया गया। हालांकि, निजी जिंदगी में उन्हें और उनके परिवार को कोरोना का दर्द झेलना पड़ा। इन दिनों अभिषेक अपनी नई फिल्म ‘द बिग बुल’ (The Big Bull) को लेकर चर्चा में हैं जो कि स्टॉक ब्रोकर हर्षद मेहता (Harshad Mehta) की जिंदगी से प्रेरित है। इन्‍हीं चीजों पर अभिषेक ने नवभारत टाइम्‍स से खास बातचीत की…

‘द बिग बुल’ हर्षद मेहता की जिंदगी पर आधारित है तो इस किरदार में ढलने के लिए कितनी मेहनत करनी पड़ी?
‘सबसे पहले तो यह एक काल्पनिक किरदार है जो बहुत से लोगों से प्रेरित है। दरअसल, जब आप बायॉपिक करते हैं तो आपको उस किरदार की तरह बनना पड़ता है लेकिन काल्पनिक किरदार में आप छूट ले सकते हैं। अच्छी बात यह है कि डायरेक्टर कूकी गुलाटी जब मेरे पास आए थे तो उनकी स्क्रिप्ट बहुत मजबूत थी, इसलिए हमारा काम और आसान हो गया। मेरी कोशिश बस यह थी कि मैं किरदार को ज्यादा से ज्यादा कन्‍विंसिंग बना सकूं ताकि दर्शक उस पर यकीन कर सकें।’

बीता साल आपके लिए प्रफेशनली काफी अच्छा रहा लेकिन घर में आपको और आपके परिवार को कोरोना से जूझना पड़ा। वह कितना मुश्किल रहा? उसके बाद भी आप वापस लगातार शूटिंग कर रहे हैं तो किसी तरह का डर नहीं रहता है?
‘दिमाग में यह जरूर रहता है कि सब ठीक तो होगा ना। शूटिंग के जो स्टैंडर्ड सरकार ने बनाए थे, क्या सब लोग उसका पालन कर रहे हैं? यह डर खुद के लिए नहीं रहता, डर रहता है अपने परिवार के लिए क्योंकि शाम को काम से लौटकर आप घर ही जाते हैं। कोई भी यही सोचेगा कि परिवार में सभी ठीक रहे, स्वस्थ रहें। जब हम अस्पताल में थे, तब भी मैं अपने परिवार के बारे में ही सोच रहा था, अपने बारे में ज्यादा नहीं सोच रहा था। मेरे पिता जी, ऐश्वर्या, आराध्या, हम सब एकसाथ अस्पताल में थे तो मेरा ध्यान उन पर ही रहता था कि वे लोग जल्दी से जल्दी ठीक होकर घर चले जाएं। घर पर मां थीं तो वह ठीक रहें। ऐसे समय में आप खुद पर इतना ध्यान नहीं देते हैं। परिवार के लोगों पर ही ध्यान ज्यादा होता है।’

अभी जब आप दोबारा शूटिंग पर लौट चुके हैं तो कुछ खास एहतियात रखते हैं?
‘जी, बिल्‍कुल रखता हूं। अभी सबको ऐसे लग रहा है जैसे कोविड खत्म हो गया है, अब हम नॉर्मल जिंदगी जी सकते हैं लेकिन ऐसा नहीं है। आप देखिए, कोविड के केस फिर से कितने बढ़ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सब ऐसे सोच रहे हैं कि कोरोना खत्म हो गया है, उससे कुछ होने वाला नहीं है। मैं सबसे यह अपील करना चाहूंगा कि भैया, प्लीज मास्क पहने रहिए, सोशल डिस्टेंसिंग रखिए, कोविड खत्म नहीं हुआ है। बेशक, अब पहले जैसा लॉकडाउन नहीं है, हम काम कर सकते हैं लेकिन नियमों का पालन जरूर करें। इसलिए नहीं, क्योंकि ये नियम हैं बल्कि इसलिए ताकि आप खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकें। अपने परिवार को अस्वस्थ देखना बहुत ही मुश्किल होता है, यह मैं अपने निजी अनुभव से कह रहा हूं। मेरे पिता जी 78 साल के हैं, उन्हें उस हालात में देखना या अपनी छोटी बेटी या बीवी को बीमार देखना अच्छा नहीं है तो खुद के लिए ना भी करना हो तो भी अपने परिवारवालों के लिए सावधानी रखिए, जैसे हम लोग रख रहे हैं। मैं फिलहाल आगरा में अपनी अगली फिल्म शूट कर रहा हूं मगर हमारे सेट पर भी सारे नियमों का पालन हो रहा है।’

फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी यह काफी मुश्किल दौर रहा। थिअटर वाली फिल्मों को ओटीटी पर लाना पड़ा, इस बारे में क्या राय है?
‘यह हर किसी के लिए बहुत ही मुश्किल दौर है। फिल्मों के लिए खासकर क्योंकि थिअटर्स बंद पड़े थे। अब धीरे-धीरे थिअटर्स खुल रहे हैं लेकिन ऑडियंस का कॉन्फिडेंस भी बढ़ाना पड़ेगा कि आप सिनेमाघरों में जाकर सुरक्षित फिल्म देख सकते हैं। यह मुश्किल काम है, हम कोशिश कर रहे हैं। शुक्र है कि फिल्में अब भी लगातार बन रही हैं, थिअटर में नहीं तो ओटीटी पर रिलीज हो रही हैं। जैसे द बिग बुल भी हमने सिनेमाघर के लिए ही बनाई थी लेकिन पिछले साल जब लॉकडाउन हुआ तो प्रड्यूसर अजय देवगन ने तय किया कि क्यों ना इसे ओटीटी पर लाया जाए क्योंकि हमें पता नहीं कि आगे जाकर होगा क्या? ओटीटी पर लाने से कम से कम ऑडियंस हमारी फिल्म देख तो पाएगी तो अच्छी बात यह है कि लोग अभी भी कॉन्टेंट देख रहे हैं लेकिन हां, हम चाहते हैं कि थिअटर्स फिर से खुल जाएं। हमारी इंडस्ट्री फिर से जोर-शोर से चले।’

आपकी अगली फिल्मों ‘बॉब बिस्वास’ और ‘दसवीं’ का क्या स्टेटस है?

‘बॉब विस्वास की शूटिंग पूरी हो चुकी है, पोस्ट प्रॉडक्शन चल रहा है, जल्दी ही उसकी रिलीज डेट भी पता चल जाएगी। दसवीं की शूटिंग 50 पर्सेंट पूरी हो चुकी है। इस महीने के अंत तक इसकी शूटिंग भी खत्म हो जाएगी। ये दोनों ही प्रॉजेक्ट मेरे दिल के बहुत करीब हैं। मुझे इनमें काम करके बहुत मजा आया।’

‘द बिग बुल’ हर्षद मेहता को कहा जाता था और उसी पर पिछले साल वेब सीरीज ‘स्कैम 1992’ भी आई जो काफी पसंद की गई। आपको लगता है कि उससे भी एक मुकाबला रहेगा, तुलना होगी?

‘नहीं, नहीं, मैंने स्कैम 1992 देखी है। हंसल मेहता ने बहुत ही अच्छी वेब सीरीज बनाई है और उनके सभी कलाकारों ने बहुत ही अच्छा काम किया है। मैं बहुत ज्यादा खुश हूं कि उन्होंने एक अच्छी सीरीज बनाई और उसमें सफलता पाई लेकिन मैं उसे तुलना या मुकाबले की तरह बिल्‍कुल नहीं देखता। वह एक वेब सीरीज थी, हमने एक फिल्म बनाई है। ये दोनों अलग चीजें हैं।’

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